शब्दों के साथ-साथ उसकी बेचैनी कुछ बदली; उसे अपने भीतर के रंग दिखने लगे। हर लिखे पन्ने पर वह एक छोटी-छोटी हिम्मत जोड़ती। उसने महसूस किया कि antarvasna सिर्फ़ दर्द नहीं; उसमें इच्छा भी थी—जीवन को एक अलग रूप देने की। अब वह इसे छुपाने नहीं चाहती थी, बल्कि समझना चाहती थी।
एक दिन, सोनिया ने प्रिया के कमरे में एक अजीब सी चीज़ देखी। वह एक पुरानी और फटी हुई अंतरवासना थी, जो प्रिया के बेड के नीचे रखी हुई थी। सोनिया ने उससे पूछा, "यह क्या है?" antarvasna hindi story new